
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। यूपी में एक लाख घूस मांगने वाला JE सस्पेंड:बिजली विभाग का लाइनमैन-मीटर रीडर बर्खास्त।।
सिद्धार्थनगर
डेढ़ लाख रुपए का बिजली बिल माफ कराने के लिए एक लाख रुपए की घूस मांगने वाले जेई जितेंद्र दुबे को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, लाइनमैन और मीटर रीडर को बर्खास्त किया है।
अधीक्षण अभियंता ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है। सिद्धार्थनगर में भास्कर के बड़े खुलासे के बाद पूरे यूपी में बिजली विभाग के अफसरों और कर्मचारियों की धड़कन बढ़ गई है।
जेई खुफिया कैमरे पर डेढ़ लाख के बिजली के बिल को एक लाख में खत्म करने की डील करते हुए कैद हुए थे। पीड़ित का भाई बनकर गए भास्कर रिपोर्टर को जेई ने छापेमारी कराकर कमीशन देने का भी ऑफर किया था। भास्कर के कैमरे पर उस्का फीडर के लाइनमैन संजय भी विभाग के बड़े साहब से सेटिंग कर बिल को रफा दफा कराने की डील की थी।
अधीक्षण अभियंता ने जेई को सस्पेंड कर दो संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त कर दी है।
इसी कड़ी में उस्का फीडर के मीटर रीडर सुनील मिश्रा से भी बकाया बिजली के बिल की डील की थी, जिसमें सुनील मिश्रा ने इसके लिए कई चैनल बताए थे। स्टिंग ऑपरेशन को 13 सितंबर को सुबह 6 बजे पब्लिश किया था। खबर पब्लिश होने के बाद 4 घंटे के अंदर ही जेई जितेंद्र दुबे को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि मीटर रीडर सुनील मिश्रा और लाइनमैन संजय कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई।
पत्नी को ब्लाक प्रमुख बनाने की तैयारी में था जेई
उस्का बाजार फीडर के घूसखोर जेई जितेंद्र दुबे ने पंचायत चुनाव की तैयारी में घर से 51 KM दूर पोस्टिंग कराई थी। जितेंद्र दुबे की पत्नी मंजू दुबे महराजगंज के पनियरा ब्लॉक प्रमुख की दावेदारी में तैयारी कर रही थी।
साल 2026 में यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारी में जेई ने महराजगंज जनपद के बॉर्डर वाले फीडर उस्का बाजार में 2 माह पहले आला अफसरों को सेट कर अपनी पोस्टिंग कराई थी। वह मूल रूप से महाराजगंज जनपद के पनियरा ब्लाक के देवीपुर गांव का निवासी है।
पत्नी को राजनीति में सक्रिय करने और ब्लाक प्रमुख की दावेदारी को पक्का करने के लिए जितेंद्र दुबे उस्का बाजार फीडर में नौकरी के दौरान भी सिद्धार्थनगर जिले में रात्रि में नहीं रहते थे।
विभागीय सूत्र ने बताया कि वह प्रतिदिन रात में अपने 50 किमी दूर महराजगंज के पनियरा चले जाते थे। भास्कर के खुफिया कैमरे पर भी जेई जितेंद्र दुबे ने यह स्वीकार किया था कि वह जिले में कम रहते हैं। इस कारण से कहीं क्वार्टर भी नहीं लिए हैं। ऑफिस पर ही रहते हैं, रात में घर निकल जाते हैं।
💫पत्नी का चेहरा, जितेंद्र करते हैं राजनीति—
भास्कर पड़ताल में जो बाते सामने आई उसके मुताबिक, पत्नी मंजू दुबे तो महज चेहरा थीं, राजनीति तो जितेंद्र दुबे करते थे। साल 2021 में जितेंद्र दुबे ने अपनी पत्नी मंजू दुबे को समाजवादी पार्टी से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ाया था। मंजू दुबे को भाजपा का टिकट दिलाने के लिए जितेंद्र ने एड़ी चोटी का जोर लगाया था, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाए थे। इसके बाद समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव की तैयारी कर रही थी। सपा से पर्चा भी दाखिल किया था, लेकिन मतदान से कुछ ही दिन पहले चुनाव मैदान से बाहर आ गईं, जिससे चुनाव निर्विरोध हो गया।
चुनाव मैदान से बाहर होने के पीछे बड़ा कारण बताया जाता है कि मौजूदा ब्लाक प्रमुख वेद प्रकाश की पत्नी को भाजपा से टिकट मिल गया था। पनियरा ब्लाक के देवीपुर के रहने वाले जेई जितेंद्र दुबे राजनीति में काफी एक्टिव रहते हैं। इस बार वह चुनाव को लेकर विशेष तैयारी कर रहे थे। स्थानीय लोगों को कहना है कि जितेंद्र के पिता भी बिजली विभाग में महराजगंज में फोर्थ क्लास की नौकरी कर रहे थे, उनकी मौत के बाद जितेंद्र को मृतक आश्रित पर नौकरी मिल गई थी।
जितेंद्र पहले चतुर्थ श्रेणी में भर्ती हुए थे, सूत्र बताते हैं कि शुरू से ही वह बिजली के बिल को लेकर बड़ा एक्टिव रहा करते थे। इसके बाद वह लाइनमैन हुए और फिर प्रमोट होकर जेई बन गए। महराजगंज के आनंदनगर में काफी समय तक लाइनमैन के पद पर रहे हैं।
💫जमीन में बड़ा इन्वेस्टमेंट, गोरखपुर में आलीशान घर—
जेई जितेंद्र दुबे के घर महराजगंज से भास्कर की पड़ताल में पता चला कि वह बिजली विभाग की कमाई को जमीनों में इन्वेस्ट करते हैं। गोरखपुर के राजेंद्र नगर में इनका आलीशान घर है। गांव के लोगों के मुताबिक गोरखपुर और महाराजगंज में इनकी काफी प्रॉपर्टी है। राजनीति में सक्रिय और प्रतिस्पर्धा को लेकर इनकी आय से अधिक संपत्ति की शिकायत भी हुई थी।
सूत्रों की मानें तो मामले में गोपनीय जांच भी चल रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जितेंद्र जहां भी पोस्ट हुए हैं, पैसे को लेकर चर्चा में रहे हैं। आय से अधिक की संपत्ति को लेकर पनियरा ब्लाक से ही गोपनीय शिकायत हुई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, बिल के बकाया को सेटलमेंट करके जितेंद्र ने मोटा पैसा कमाया है। जितेंद्र के पास 3 लग्जरी गाड़ियां हैं। हाल ही में एक और लग्जरी गाड़ी ली है। नौकरी और पॉलिटिक्स के साथ जितेंद्र दुबे जमीन का भी कारोबार करते हैं।







